बुद्ध की नगरी – नेपाल

 

नेपाल एक बेहतरीन जगह है क्यूंकि छोटे से इस पड़ोसी देश में हर उम्र के लोगों के लिए कुछ न कुछ है, अगर बुज़ुर्ग हैं तो पशुपतिनाथ मंदिर जैसे अनेकों मंदिर हैं, बौद्धनाथ और लुम्बिनी जैसे सैकड़ों मठ हैं, अगर आपको एडवेंचर पसंद हैं तो यहाँ पैरा-ग्लाइडिंग से ले कर स्काई डाइविंग,बंजी जम्पिंग जैसे बहुत से एडवेंचर मिलेंगे, अगर आप इतिहास के दीवाने हैं,तो आपको यहाँ गौतम बुद्ध के इतिहास से ले कर यहाँ की गोरखा आर्मी और यहाँ के राज-घराने तक के सारे इतिहास जानने को मिल जायेंगे, और अगर आप शांति से सिर्फ़  छुट्टियाँ मनाना चाहते हैं तो यकीन मानिए पोखरा से बेहतर जगह आपको शायद ही कोई और मिले. कुल मिलाकर गौतम बुद्ध का जन्म स्थान नेपाल अपनी सुन्दरता से आपका मन मोह ही लेगा. TraveLegend में आज हम आपको करवाएंगे उत्तर-पूर्व नेपाल की सैर, जिनमें 3 शहर होंगे काठमांडू, पोखरा और लुम्बिनी.

 

अगर आप भारत से जा रहे हैं तो आपको वीसा लेने की कोई ज़रूरत नहीं है, आप दिल्ली से या कोलकाता से फ्लाइट से सीधा काठमांडू जा सकते हैं, अगर आपके पास पासपोर्ट नहीं है तो भी आप नेपाल की सैर कर सकते हैं, कुछ एयरलाइन्स में सिर्फ वोटर आई डी ही मान्य है(कुछ ही आधार कार्ड को मान्यता देते हैं, पर बेहतर है आप वोटर आई डी ही साथ रखें). भारतीय नागरिकों को वीसा लेने की कोई ज़रूरत नहीं होती, उनको ऑन अरायवल फ्री वीसा मिलता है,आप अगर सड़कमार्ग यानि बाय रोड जाना चाहें तो भी आराम से नेपाल जा सकते हैं. भारत के कई क्षेत्रों से नेपाल का बॉर्डर लगा हुआ है, जिनमें मुख्य हैं उत्तरप्रदेश,बिहार और आसाम. इस पोस्ट में जिन जगहों की बात हम आपको बताएँगे वो उत्तरप्रदेश बॉर्डर से ही पास हैं.

nepal kathmandu pokhara lumbini

सबसे पहले आपको बता दें की नेपाल की करेंसी का मूल्य भारत की करेंसी से कम है, और वहां आसानी से भारत की करेंसी लेने को भी लोग तैयार रहते हैं, तो आपको मनी एक्सचेंज करने जैसी समस्या का पहले ही समाधान मिल गया,दूसरी चीज़ वहां एअरपोर्ट से बाहर आते ही आपको लोकल सिम की दुकानें दिखेंगी,वहां से आप सबसे पहले एक लोकल सिम ले लीजिए,तो उससे आपका डाटा एक्टिव रहेगा जो की ज्यादा महंगा भी नहीं है बाकी के देशों के अनुपात में. N-Cell का सिम बेहतर होता है नेटवर्क और सर्विस में, तो वही लें.

रुकने के लिए होटल बुकिंग पहले से ही ऑनलाइन करवा लें तो बेहतर है, एअरपोर्ट में ही आपको बड़ी गाड़ियाँ मिलेंगी जो आपको होटल तक छोड़ देगी, किसी भी चीज़  का रेट सुनकर उसको कैलकुलेट कर लें की भारतीय करेंसी में ये कितना पड़ेगा. बड़ी  गाड़ी से काठमांडू के होटल में आ जाइये,अब आपको पूरे शहर में सिर्फ़ छोटी टैक्सी ही मिलेंगी(जेन,मारुती 800 जैसी टैक्सी) आप चाहें तो कोई बड़ी गाड़ी भी बुक कर सकते हैं.

 

काठमांडू

 

सबसे पहले सामान रख कर थोडा आराम करके आप काठमांडू का थमेल मार्केट घूमें,यहाँ आपको रोड साइड शॉपिंग करने में बहुत आनंद आएगा, अपनी ज़रूरत का सामान आप पहले दिन से ही खरीदना शुरू कर सकते हैं और ये मार्केट ज्यादा महंगा भी नहीं है, यहाँ आपको बैग, जूते, गर्म कपड़े, स्लीपिंग बेड और अन्य सजावट के बहुत से सामान मिल जायेंगे, आप यहाँ से खुखरी भी ले सकते हैं, जिसे आप लगेज में डाल कर एअरपोर्ट से भी ला सकते हैं,ये पूरी तरह से लीगल है.

घुमने के लिए अगले दिन सुबह निकलिए, और सबसे पहले चले जाइए पशुपतिनाथ के मंदिर में क्यूंकि ये मंदिर दोपहर में बंद हो जाता है(इसके 4 दरवाज़ों में 3 बंद हो जाते हैं), बेहतर है आप वहां किसी पंडित से बात करके पूजा के लिए उन्हें बुक कर लीजिए, क्यूंकि वो आपको मंदिर का एक-एक हिस्सा घुमाएंगे और साथ ही साथ आपको वहां से जुडी हर कहानी भी बताएँगे. मंदिर के अन्दर सिर्फ़ हिन्दुओं को ही प्रवेश की अनुमति है और आप पिक्चर नहीं क्लिक कर सकते. मंदिर के परिसर में ही कुछ और मंदिर हैं, जहाँ आप जा कर दर्शन कर सकते हैं.

मंदिर के दर्शन के बाद आप सीधा निकल जाइए बौध टेम्पल. शांति स्तूप के साथ ये एक पुराना बौध मठ है जहाँ आपको बेहतरीन ढंग से मन्त्रों का जाप करते बुद्धिस्ट संत दिखेंगे, यहाँ जा कर आपको एक अनोखी शक्ति और शांति महसूस होगी.

यहाँ दर्शन करने के बाद आप खाना खाने का ब्रेक ले सकते हैं, अगर आप शुद्ध शकाहरी भोजन करना चाहते हैं तो भी नेपाल में आपको बहुत ऑप्शन मिलेंगे, वैसे ज़्यादातर वहां चाईनीज़ और थाई खाने ही मिलते हैं.

खाने के बाद आप वहां से दरबार स्क्वायर चले जाइये यहाँ आपको बहुत सारे स्पॉट्स देखने को मिलेंगे, भूकंप की वजह से अब ये जगह पूरी तरह से टूट चुकी है, तो यहाँ आपको ज़्यादातर सब टूटी हुई ईमारतें दिखेंगी, यहाँ तक की जो काठ का मंडप था, जिसके नाम पर काठमांडू को उसका नाम मिला,वो भी अब नहीं बचा है,पर उसको वहाँ की सरकार वापस से स्थापित करने की कोशिश कर रही है, यहाँ सारी जगह घूमने के बाद आप पास के मार्केट में थोड़ा वक़्त और निकाल सकते हैं और वहाँ से सीधा होटल जा कर आराम कर लें.

अगले दिन सुबह निकल जाइए स्वयम्भू के दर्शन करने, जो की पहाड़ों के ऊपर है और वहां आने-जाने में काफ़ी वक़्त लगता है, वहां से वापस आ कर नारायणहिती पैलेस ज़रूर देखें ये नेपाल का एक दरबार है, नेपाल में बहुत दरबार हैं. ये देखने के बाद आप पाटन निकल जाइये, पाटन में बहुत भव्य दरबार है, पाटन दरबार को आर्ट और म्यूज़िक के लिए जाना जाता था. पाटन में ही आपको पांडवों के बनाए मंदिर देखने को मिलेंगे ,पाटन के कई क्षेत्र में “हरे रमा हरे कृष्णा” फिल्म की शूटिंग हुई है.

यहाँ से घूम कर आप काफ़ी थक जायेंगे, और इसके बाद हम रुख करेंगे होटल का, वैसे तो काठमांडू और नेपाल दोनों ही काफ़ी बड़े हैं और यहाँ आसपास बहुत सी जगहें हैं देखने के लिए लेकिन ये हमने जो आपको बताया है वो लगभग वो सब इम्पोर्टेन्ट जगह हैं,जो आप मिस करना बिलकुल नहीं चाहेंगे. यहाँ से आप चाहें तो अपनी ट्रिप किसी तरफ भी मोड़ सकते हैं क्यूंकि इस वक़्त आप बीच में हैं, आस पास और भी बहुत जगह है देखने के लिए, या आप चाहें तो काठमांडू में रुक सकते हैं, नाईट लाइफ़ अच्छी होती है यहाँ की,कैसिनो बहुत हैं यहाँ और डांस क्लब भी काफ़ी हैं. तो ये आपकी मर्ज़ी पर है कि आगे आप क्या करना चाहते हैं, फ़िलहाल हम इस पोस्ट में आपको पोखरा जाने का रास्ता बता रहे हैं.

पोखरा

 

काठमांडू के बस स्टैंड से ही आपको पोखरा के लिए कई तरह की बस मिलेंगी छोटी वैन की तरह भी और बड़ी भी, आप जिसमें चाहें उसमें पोखरा जा सकते हैं, काठमांडू से पोखरा लगभग 6 घंटे की ड्राइव है,(250 नेपाली करेंसी बस का किराया है – दिसम्बर 2016 का रेट) पर यकीन मानिए अगर आप ड्रायवर की तरफ बैठे हैं (राईट साइड) तो आपको इस क़दर खूबसूरत और बेहतरीन नज़ारा देखने को मिलेगा कि आपका मन ही नहीं भरेगा, आपके साथ-साथ नदी,पहाड़,जंगल और हिमालय चल रहे होंगे. पोखरा में भी होटल आप ऑनलाइन बुक कर लें तो बेहतर है, TraveLegend आपको “पोखरा चॉइस इन” में रहने की सलाह देते हैं, बाकि होटल से किराया कम है, रूम बाकि होटल से बेहतर है, सर्विस बहुत अच्छी है, स्टाफ़ बहुत मददगार हैं और यहाँ से आपको हिमालय का व्यू खिड़की या बालकनी से दिखेगा.

आपको अगर कोई बेहतर ऑप्शन लगे तो आप उसे बुक कर लें. पोखरा पहुँच कर होटल में चेक इन करके आराम करें.

पहले दिन की ट्रिप पोखरा के आसपास की जगह होगी जहाँ आपको हिमालय के पहाड़ों की मनमोहक सुन्दरता देखने को मिलेगी जो की काठमांडू से ज्यादा बेहतर होगी, सबसे पहले आपको एक गाड़ी बुक करनी पड़ेगी, जो पहले दिन आपको पूरा पोखरा और आसपास की जगह घुमा कर अगले दिन सूर्योदय दिखाने सारनकोट ले जाएगा. (गाडी का पैकेज 1500 नेपाली रुपए होना चाहिए, ध्यान रखें कि ये एक ही पैकेज डील होती है इसका अलग पैसा देने की कोई ज़रूरत नहीं है).

पोखरा और उसके आस पास घूमने लायक जगहों में सबसे पहले आप चले जायें ताल बराही मंदिर जो की देवी का मंदिर है और यहाँ जाने के लिए आपको बोट से जाना होगा.(50 नेपाली रुपए एक आदमी का)

 

यहाँ दर्शन करने के बाद आप पहाड़ों के ऊपर बने शान्ति स्तूप चले जायें, अगर आपके साथ कोई बुज़ुर्ग या दिव्यांग हैं तो उनके लिए ये ज़रा मुश्किल हो सकता है क्यूंकि यहाँ ऊपर जाने के लिए सीढ़ियाँ ही हैं. पर ऊपर का नज़ारा बहुत ही बेहतरीन है.

 

वहां से आप वापस नीचे आ जाएँ और अगली जो जगह है वो है गुप्तेश्वर, ज़मीन के नीचे की तरफ एक गुफा जैसी बहुत बड़ा मंदिर है, जहाँ एक गणपति जी की मूर्ति है और एक शिवलिंग लेकिन उसके आगे जा कर आपको झरने का अद्भुत दृश्य देखने को मिलेगा जहाँ से आपको वापस आने का मन ही नहीं करेगा.

यहाँ से निकल कर आप महेंद्र गुफा की ओर रुख करें, महेंद्र गुफा में ऐसा कुछ ख़ास नहीं है तो आप इसे स्किप भी कर सकते हैं, उसके थोड़ा आगे ही एक और गुफा है “बेट केव” जहाँ आपको चमगादड़ शांति से उलटे लटके हुए दिखेंगे,एक पल के लिए आपको लगेगा की आप किसी बैटमैन की फिल्म के सेट पर पहुँच गए हैं, ये भी अपने आप में एक अलग अनुभव है.

 

इसके बाद एक डेम और एक म्यूज़ियम होगा जिसमें से आप म्यूज़ियम न ही जायें तो भी चलेगा क्यूंकि वहां ऐसा देखने लायक कुछ नहीं है, डेम भी कुछ ख़ास नहीं है.

अब आप चाहें तो पोखरा में लेक साइड घूम सकते हैं,ये एक रोड है जो झील के साथ-साथ बनी हुई है जहाँ आपका होटल होगा, इसके आसपास दुकानें, होटल और क्लब वगैरह हैं, आप यहाँ शॉपिंग, क्लबिंग, नाईट लाइफ़ और खाना वगैरह का आनंद ले सकते हैं. शॉपिंग में यहाँ और काठमांडू दोनों ही जगह आपको हेम का बैग मिलेगा(हेम बैग गाँजे के पेड़ की लकड़ी को गला कर उसकी रस्सी से बनाए हुए बैग होते हैं).

अगले दिन सुबह कुछ 3 या 4 बजे ही आपकी गाड़ी आपके होटल आ जाएगी,आपको सारनकोट के सफ़र में ले जाने के लिए. पहाड़ों के घुमाव-दार रास्तों से रात के अँधेरे में आप पहुँच जाएँगे  सारनकोट के पॉइंट पर जहाँ तक पार्किंग है, कई ड्रायवर नीचे ही गाड़ी रोक देते हैं,ध्यान रखें की गाड़ी ऊपर पार्किंग तक जाती है, वहां से आपको ऊपर चढ़ के जाना होगा,एक छोटी ट्रैकिंग की तरह,(अगर गाड़ी नीचे खड़ी है तो 1.30घंटे की ट्रैकिंग होगी,यकीन मानिए इस मेहनत का पूरा फल मिल जाएगा आपको सन राइज के साथ).

ऊपर जा कर अपनी जगह निश्चित करके बैठ जाइए और तैयार रखिए अपना कैमरा,क्यूंकि जैसे-जैसे सूर्य उगने लगेगा पहाड़ों का रंग बदलता जाएगा और नज़ारा,और बेहतरीन होता जाएगा.

  

इस नज़ारे को आप दिन भर भी देख सकते हैं पर अब आपको वापस जाना चाहिए,क्यूंकि सुबह के 12 बजे तक ही आपको पोखरा से लुम्बिनी के लिए बस मिलेगी, तो होटल जा कर सामान पैक करके बस स्टैंड निकल जाइये, या अगर आप परिवार के साथ हैं तो आप अपनी गाड़ी भी बुक कर सकते हैं(10000 – 15000 नेपाली रुपए , गाड़ियों पर निर्भर है की आप कौन सी लेंगे). आप लुम्बिनी में भी रुक सकते हैं और भैहरवा में भी, भैहरवा से इंडिया का बॉर्डर कुछ कदम की दूरी पर है, आप आराम से जा के आ सकते हैं किसी डाक्यूमेंट्स की ज़रूरत नहीं होती.

लुम्बिनी

 

भैहरवा से आपको टैक्सी या कैब मिल जाएगी जो आपको लुम्बिनी घुमा देगी, लुम्बिनी गौतम बुद्ध का जन्म स्थान है और यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज है, जहाँ अब विश्व के काफ़ी देशों ने अपनी अपनी मोनेस्ट्री बनायीं है, जिनमें से सबसे बेहतरीन हैं – जापान, चाइना, रॉयल थाई, नेपाल और जर्मनी मोनेस्ट्री. इसके अलावा बाकी भी बहुत बेहतरीन हैं पर इनकी बात कुछ अलग है.

आप चाहें तो गाडी से भी जा सकते हैं नहीं तो यहाँ स्पीड बोट सेवा भी है एक नहर जैसा पानी का रास्ता बनाया गया है बोट के लिए, और सबसे बड़ा है महामाया मंदिर जो की बुद्ध के जन्म का स्थान है,उनका महल, और कहा जाता है की जन्म के बाद बुद्ध को जिस पेड़ के नीचे रखा गया था वो अभी भी वही है.

यहाँ आपको बहुत से बौद्ध संत ध्यान में लीन दिखेंगे. ये बुद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए सबसे पवित्र जगह है.

 

 

यहाँ से दर्शन करने के बाद आप गाड़ी बुक करके या बस से गोरखपुर या बनारस जा सकते हैं. और वहां से आप अपने घर तक अपनी सुविधा के साधन से जा सकते हैं.

 

नोट – ये ट्रिप हमारे निजी तजुर्बे के बाद बनाया गया है, और अगर आप हमारी सलाह मानें तो इस ट्रिप को उल्टा घूमें, यानि की पहले बनारस या गोरखपुर से लुम्बिनी जायें, फिर पोखरा उसके बाद काठमांडू और वहां से फ्लाइट से दिल्ली या कोलकाता और वहां से अपने घर. ये ज्यादा बेहतर ऑप्शन है.

किसी भी अन्य सहायता के लिए या अधिक जानकारी के लिए आप हमें अपने सवाल भेज सकते हैं. कांटेक्ट-अस के पेज पर अपने सवाल लिख के भेजें हम आपको जल्द से जल्द उत्तर देने की भरपूर कोशिश करेंगे.

 

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