बिहार की शान पटना – किसी पटना वाले को चिढाने से पहले इसे ज़रूर पढ़ लें.

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बिहार की शान पटना

 

पटना, बिहार की राजधानी है, यूँ तो ये कई चीजों के लिए मशहूर है, पर आधे से ज्यादा लोगों को बिहार या पटना का नाम सुनते ही या तो लालू प्रसाद यादव याद आते हैं और या फिर शत्रुघ्न सिन्हा, और पटना वासियों के लिए ये गर्व की बात है की शत्रुघ्न सिन्हा, पटना से हैं, तभी तो हमारा कैब ड्राईवर हमें “राजेंद्र कॉलेज” दिखाते हुए बड़ी शान से बताने लगा की – साहब यही वो कॉलेज हैं जहाँ छुरा(चाक़ू) लगने से शत्रुघन सिन्हा के चेहरे पर निशान पड़ा, पढ़ते वक़्त ही कोई झगड़ा हुआ था ग्रुप में उसी झगड़े में उनको वो निशान मिला जो आगे जा कर उनकी एक पहचान बन गया… ये तो कैब ड्राईवर की बात थी लेकिन हमारी इस पोस्ट में हम आपको बताएंगे पटना के कुछ ऐसे रोचक तथ्य, कुछ ऐसे किस्से जो शायद कहानियां लगें लेकिन ये किस्से हकीक़त भी हो सकते हैं…यूँ भी  TraveLegend में हमारा काम है आपको इंफॉर्मेशन देना, जो की हम आपको देते रहते हैं अपनी तमाम पोस्ट के माध्यम से, और आज की पोस्ट में बात होगी पटना की.

 

पटना का नाम पड़ा यहाँ की पाटन देवी के नाम पर, एक मान्यता ये भी है की पटना का नाम संस्कृत के शब्द पत्तन से आया जिसक मतलब होता है बंदरगाह(पोर्ट). क्यूंकि ये शहर गंगा के किनारे बसा है और यहाँ गंगा में 3 नदियाँ और आ कर मिलती हैं. (घाघरा, सोन और गंडक). तो जाहिर है की प्राचीन काल में यहाँ बंदरगाह ज़रूर रहा होगा, वैसे पटना का एक प्राचीन नाम था पाटलिपुत्र, ये शहर क़रीब 2500 साल से भी ज्यादा पुराना है,(इतने पुराने गिने चुने शहर ही बचे हैं) पटना ज्ञान का शहर काफी प्राचीन समय से ही है, जब पश्चिमी देशों में पढ़ाई की कोई व्यव्यस्था नहीं थी तब यहाँ “पाटलिपुत्र में विश्वविद्यालय”(पाटलिपुत्र यूनिवर्सिटी) था.

ये अशोका का शहर है, ये गौतम बुद्ध के अंतिम समय की कहानी बताने वाला शहर है, ये सिक्खों के 10वें और अंतिम गुरु “गुरु गोबिंद सिंह साहब” के जन्म का शहर है, ये चंपारण आन्दोलन और भारत छोड़ो आन्दोलन(1942) जैसे स्वतंत्र संग्राम का शहर है, और भी न जाने किन-किन अनजानी और अनसुनी बातों का शहर है ये पटना.

पटना के लिए लगभग सभी जगहों से ट्रेन और फ्लाइट दोनों हैं, फ्लाइट के रेट्स ख़ासा महंगे हैं क्यूंकि यहाँ से बहुत ज्यादा (फ्रिक्यूएन्ट) फ्लाइट्स नही है, ट्रेन में काफी ऑप्शन मिल जायेंगे आपको, आप जैसे हैं स्टेशन से बहार आयेंगे आपको दर्शन होंगे यहाँ के मशहूर “महावीर मंदिर” के, जो की स्टेशन(पटना जंक्शन) के बिलकुल सामने है,

ठहरने के लिए आपको ऑनलाइन काफी अच्छे रूम्स कम किराये पर मिल जायेंगे या आप वहां जा कर भी रूम बुक कर सकते हैं, ये कोई बहुत बड़ी परेशानी की बात नहीं है.

पटना घुमने का सबसे सही तरीका है कि वहां के पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल किया जाये, वहां सवारी ऑटो, रिक्शा और ई-रिक्शा चलता है, सवारी ऑटो सबसे बेहतर ऑप्शन है, क्यूंकि अगर आपने कैब की तो कैब वाले पहले तो आपको दूरी का रोना रोयेंगे फिर ट्रैफिक और टाइम ज्यादा लगेगा का बहाना बनायेंगे और आपसे ज्यादा भाड़ा मांगेंगे तो बेहतर है की आप लोगों से पूछ कर ऑटो में सफ़र करते जायें, इससे टाइम भी कम लगेगा और आप बहुत ही कम खर्चे में पूरी सेफ्टी के साथ घूम सकेंगे. (ज्यादातर जगह का किराया सवारी ऑटो में ₹5 और ₹10 ही है). कहीं कहीं जाने के लिए आपको ऑटो बदलना पड़ सकता है.(जैसे अगम कुआं से गुरुद्वारा श्री पटना साहेब जाने के लिए किसी एक जगह उतर कर दूसरे ऑटो से गुरूद्वारे तक जाना होता है) यूँ तो अगर आप पटना घूमना चाहें तो एक दिन में भी घूम सकते हैं,लेकिन अगर आप इत्मीनान से हर जगह को एक्स्प्लोर करना चाहते हैं तो 2 दिन काफी हैं महावीर जी के दर्शन करने के बाद आप अगर कुछ खाना चाहें तो वहां आस पास काफी होटल्स मिलेंगे जहाँ आपको आपकी पसंद का खाना मिल जायेगा, शुद्ध शाकाहारी भोजनालय भी मिल जायेंगे आपको, यहाँ के ठेलों में मिलने वाली बिहार की सबसे फेमस डिश लिट्टी चोखा खाना न भूलें, यकीन मानिये  ₹20 में आपका पेट भर जायेगा एक प्लेट (देसी घी में डूबा) लिट्टी चोखा खा कर. ट्रिप की शुरुआत करते हैं महान शाशक अशोक के बनाएं एतिहासिक अगम कुएं से.

 

अगम कुआं

 

अगम कुआं एक बहुत पुराना और एतिहासिक कुआं है, जो की शीतला मंदिर के अंदर है, मंदिर में 7 दिव्य पिंड हैं जिन्हें सप्त मातृका(7 माता) के नाम से जाना जाता है और यहाँ चेचक(चिकनपोक्स) का इलाज होता है, अगम कुआं के बारे में बहुत सी कहानियां और भ्रान्ति हैं, इस कुएं का निर्माण चक्रवर्ती सम्राट अशोक ने करवाया था, लोगों का मानना है कि किसी ज़माने में यहाँ बंदियों को टॉर्चर किया जाता था और इसे धरती का नर्क कहा जाता था, किसी कहानी के अनुसार ये कुआं अन्दर ही अन्दर किसी और जगह से जुड़ा है क्यूंकि कभी समुद्र में खोयी हुयी कोई चीज़ यहाँ से मिली थी, जैन धर्म में भी इस कुएं की कहानी है, जैन मुनि सुदर्शन को जब एक राजा ने सज़ा दे कर इस कुएं में फेंका तो वो वापस से एक कमल के फूल पर बैठकर कुएं से ऊपर आ गए, एक कहानी ये भी है की अशोका ने अपने 99 सौतेले भाइयों का सर काटकर इसी कुएं में फेंका था, और किसी का मानना ये है कि ये कुआं गंगा से जुड़ा है, इसलिए चाहे इसका जितना भी पानी निकाल लें कुआँ कभी खाली नहीं होता खैर कहानी या सच्चाई का तो पता नहीं, पर आप ये कुआँ ज़रूर देखें और माता शीतला से प्रार्थना करके आगे का रुख करें.

 

गुरद्वारा पटना साहेब

 

अगम कुआँ से निकल कर मंदिर के सामने वाले  ब्रिज के ऊपर से आपको ऑटो मिलेगा जो की आपको गुरुद्वारा तक ले जायेगा, गुरूद्वारे के दरवाज़े तक ऑटो नहीं जाता क्यूंकि वो काफी तंग गलियों वाला रास्ता है और वहां पब्लिक सवारी ऑटो का जाना निषेध है, तो आपको वहां से 5मिनट ही पैदल चलना होगा, ये वो जगह है जहाँ सिक्खों के 10वें और अंतिम गुरु “श्री गुरु गोबिंद सिंह जी” का जन्म हुआ था,  इसलिए ये सिक्खों के लिए एक बहुत ही मान्यता वाली जगह है हर साल देश-विदेश के कोने कोने से सिक्ख लोग यहाँ पर आते हैं, गुरुद्वारा के अन्दर जाने से पहले कुछ बातों का ध्यान रखें जैसे आपके सर ढके होने चाहिए(अगर आपके पास ढकने के लिए कुछ नहीं है तो गुरुद्वारा के बाहर ही आपको रुमाल दिया जायेगा) और गुरुद्वारा के अन्दर शोर मचाना या जोर से चिल्ला कर बात करना मना है, आप यहाँ शान्ति से जितनी देर चाहें उतनी देर बैठ सकते हैं.

 

दरबार के दर्शन करने के बाद आप आस पास घूमेंगे तो देखेंगे की वहां गुरु गोबिंद साहब की कई चीजें आज भी संभाल कर रखी गयी हैं, जैसे उनके कपड़े, बाल्टियाँ, बंदूक, शंख, पग/पगड़ी वगेरह…आप मनेजमेंट से पूछकर इन सब चीजों की पिक क्लिक कर सकते हैं, अगर आप दोपहर के वक़्त वहां पहुंचे हैं तो वहां के लंगर में खाना ज़रूर खाएं…

 

 

 

इसके बाद यहाँ से आप आगे बढ़िये पाटन देवी मंदिर की तरफ, वहां 2 पाटन देवी का मंदिर है एक छोटी पाटन देवी एक बड़ी पाटन देवी, बड़ी पाटन देवी पुराना मंदिर है और उन्ही पाटन देवी के नाम पर पटना का नाम है, तो कोशिश करें की आप बड़ी पाटन देवी के मंदिर ही जायें.

यहाँ से दर्शन करने के बाद अब आप आ जायें पटना सिटी की तरफ, गोलघर की ओर, जब हम पटना ट्रिप पर थे तब गोलघर की मरम्मत का काम चालू था सो हम अन्दर नहीं जा पाए पर लोगों का ये कहना है कि गोलघर के ऊपर से पूरा पटना शहर दिखता है,गोलघर का निर्माण अकाल के वक़्त अनाज जमा करने के लिए गोदाम के रूप में हुआ था.

 

बहुत सी चीजें गोलघर के आस पास ही हैं, जैसे गाँधी मैदान और गाँधी म्यूजियम वगैरह , पटना में म्युज़ियम बहुत हैं, जिनमें से मुख्य और देखने लायक म्युज़ियम हैं – जादूघर(पटना म्युज़ियम) जहाँ आपको इतिहास से जुड़े कई सामान तो देखने को मिलेंगे ही साथ साथ वहां आपको देखने मिलेगा 30 करोड़ साल पुराने पेड़ के तने का फॉसिल जो की अपने आप में एक बहुत बड़ी चीज़ है, इसके अलावा आप संजय गाँधी जैविक उद्यान भी जा सकते हैं अगर आपको बोटेनिकल गार्डन में दिलचस्पी है तो… गाँधी म्युज़ियम और बाकि के म्युज़ियम में ऐसा कुछ विशेष आकर्षण नहीं है.

 

इसके अलावा यहाँ 3 मस्जिद भी हैं – बेगू हज्जाम की मस्जिद, पत्थर की मस्जिद और शेरशाह की मस्जिद, पत्थर की मस्जिद सुल्तानपुर में एक छोटी सी मस्जिद है जिसे जहाँगीर के बेटे ने बनवाया था, बेगू हज्जाम बंगाल के शाशक अल्लाउद्दीन ने बनवाया था, और शेरशाह मस्जिद को शेरशाह सूरी ने बनवाया था और ये पटना की सबसे बड़ी मस्जिद है.

अगर आपको इतिहास में थोड़ी सी भी रूचि है तो आप “खुदा बक्श लाइब्रेरी” ज़रूर जायें क्यूंकि एक तो ये 18वीं शताब्दी की लाइब्रेरी है और यहाँ आपको मुग़ल काल की कई पाण्डुलिपि भी देखने को मिल जाएगी.

एक और एतिहासिक जगह कुम्र्हार भी है जहाँ आपको प्राचीन पटना शहर के अवशेष देखने को मिलेंगे, कैसे पाटलिपुत्र नगर बसा था ये आप वहां देख सकते हैं, पर अगर आप परिवार के साथ हैं तो आप इस जगह को स्किप भी कर सकते हैं.(आजकल यहाँ लोकल कपल्स ज्यादा होते हैं).

ये पटना के सबसे इम्पोर्टेन्ट स्पॉट्स हैं, इनके अलावा कुछ जगह हैं जहाँ अगर आपके पास वक़्त है तो आप जा सकते हैं, जैसे – बुद्धा पार्क, गंगा घाट (एन आई टी केम्पस के पास) जहाँ एक फ्लोटिंग होटल/रेस्टोरेंट है, जो की एक बड़ी सी बोट पर है और आप वहां से गंगा आरती देख सकते हैं, पर ये शायद वीकेंड पर ही चालू रहता है तो इस बात का ध्यान रखियेगा और साथ साथ इस बात का भी ध्यान रखियेगा की पटना में आधी से ज्यादा चीजें सोमवार को बंद रहती हैं, तो कोशिश करें की आपकी ट्रिप में सोमवार न आये. इसके साथ ही पटना की ट्रिप खत्म होती है. अगर हमारे बताये तरीके से, यानि कि अगर  आप सवारी ऑटो से पटना में घूमेंगे तो यकीन मानिये एक आदमी के लिए मुश्किल से ₹200 का खर्च होगा. अगर आपको ये पोस्ट पसंद आई तो इसे शेयर करें और हमें लाइक और फॉलो करें हमारे सोशल मीडिया पेज पर.

 

इसके अलावा भी यदि आपके कोई सवाल हों या आपको कहीं और, किसी और जगह का प्लान जानना हो तो आप हमसे संपर्क कर सकते हैं.

 

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