आप अगर दिल्ली जाना चाहते हैं तो इसे ज़रूर पढ़ें.

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TravaeLegend में आज हम आपको करवाएंगे देल्ही की सैर वो भी कम से कम खर्चे में.

यूँ तो देल्ही हमेशा से ही आकर्षण का केंद्र रही है, चाहे वो मुग़ल हो मराठा सबको देल्ही पर अधिकार चाहिए था और देल्ही का दिल भी इतना बड़ा है की उसने सबको अपनाया है, शायद इसलिए मशहूर सूफी कवि “अमिर खुसरो” ने देल्ही के लिए कहा है कि –

दिल्ली शहर सोहावनो, जहाँ बसें दिलदार…

खुसरो वाहू देस पे तन मन दिजे वार…

 

और यकीन मानिये देल्ही वाक़ई में इतनी खुबसूरत है की आप साब कुछ वार देना चाहेंगे. देल्ही को हम 3 हिस्सों में बाँट देंगे सैर के लिए, और 3 दिन का प्लान बनायेंगे पूरी देल्ही घुमने के लिए. पर ये प्लान पूरी तरह से निर्भर करता है आपके रुकने की जगह पर, इसलिए आप अपनी सुविधा से दिनों में फेर बदल कर सकते हैं. देल्ही में घुमने के लिए सबसे बेहतर ऑप्शन है “मेट्रो”. अगर आपने 3 या 4 दिन का प्लान बनाया है, तो सबसे पहले मेट्रो का स्मार्ट कार्ड बनवा लें और उसमें ₹150 – ₹250 का रिचार्ज करवा लें,(एक कार्ड में एक ही आदमी सफ़र कर सकता है) इससे आपको लाइन नहीं लगाना पड़ेगा और समय की भी काफी बचत होगी, जो दूरी आप रोड से 2 घंटे में तय करेंगे वो मेट्रो से 45 मिनट में पूरी हो जाएगी. बस ध्यान रखें की भीड़ भाड़ के समय मेट्रो अवॉयड करें. (अंदाज़न वक़्त सुबह के 8 बजे से 10 बजे तक, और शाम को 7 बजे से 9 बजे तक).

 

 

Day – 1

(क़ुतुब मीनार, चांदनी चौक, गुरुद्वारा सीस गंज साहेब, लाल क़िला, जमा मस्जिद, पराठे वाली गली, इंडिया गेट, मंत्रालय, राष्ट्रपति भवन, अग्रसेन की बावड़ी, जंतर मंतर, कनौट प्लेस, पालिका बाज़ार, जनपथ मार्केट )

 

दिन की शुरुआत करिए सबसे पहले क़ुतुब मीनार से, यहाँ आपको मीनार देखने को मिलेगी उसके अलावा आस पास कुछ एतिहासिक (हिस्टोरिकल) मोंन्युमेंट्स भी देखने को मिलेंगे.(एंट्री टिकट – ₹10). आप ये सब देख कर अपने मुताबिक समय ले कर आराम से पिक्चर क्लिक करके यहाँ से आगे बढ़ें. क़ुतुब मीनार के बहार से ही मेट्रो स्टेशन के लिए ऑटो मिलता है (शेयरिंग ऑटो ₹10/पर्सन). मेट्रो स्टेशन पहुँच कर चांदनी चौक जाने वाली मेट्रो से चांदनी चौक पहुँच जायें.

(मेट्रो का किराया ₹19, समय – 45मिनट, येलो लाइन मेट्रो, प्लेटफार्म – 2).

 

 

चांदनी चौक से बहार निकल कर अगर आप चाहें तो आप ई-रिक्शा भी ले सकते हैं, या रिक्शा या फिर पैदल भी जा सकते हैं, सभी जगह लगभग नज़दीक है, अगर आप पैदल चल रहे हैं तो सबसे पहले “पराठे वाली गली” चले जाइये, क्यूंकि घुमने के बाद भूख भी लग आई होगी, पराठे वाली गली में आपको हर चीज़ के पराठे मिलेंगे, बस नाम सोचिये और पराठा हाज़िर हो जायेगा, जैसे – करेला, ड्राई-फ्रूट्स, रबड़ी, भिन्डी, पापड़, मिर्ची वगेरह…

(पं॰ कन्हैयालाल दुर्गा प्रसाद दीक्षित (१८७५) की दुकान सबसे पुरानी है, वैसे स्वाद में कोई ख़ास फर्क नहीं तीनो ही दुकान में.)

 

पराठे खाने के बाद अब थोडा चलते हुए आगे बढिए तो आपको गुरुवार सीसगंज साहेब के दर्शन होंगे, वहां दर्शन के बाद आगे बढ़ेंगे तो सामने ही आपको “लाल क़िला” की दीवारें दिख रही होंगी, एंट्री रेट है ₹10 पर ₹25 वाली टिकेट लें उससे आप वहां कोई विडियो शूट करना चाहें तो बे रोक-टोक के शूट कर सकते हैं,(लाल क़िला सोमवार को बंद रहता है). लाल क़िला देखने के बाद आप पैदल या रिक्शा ले कर जामा मस्जिद देखने जा सकते हैं, जो भीड़ भाड़ और चेहेल पहेल आपने टीवी पर देखी होगी वो इसी जगह की होगी, वहां जा कर आपको खुद महसूस होगा की आपने ये जगह कई बार टीवी पर देखी है.

 

 

जामा मस्जिद के बाद आप वहां से मेट्रो से या बस से भी इंडिया गेट जा सकते हैं, यूँ तो कनौट प्लेस पास है, पर ये जागह शाम को घुमने लायक है, तो बेहतर है आप इंडिया गेट चले जायें, इंडिया गेट के आस पास ही बहुत सी चीजें आपको देखने को मिलेंगी, राष्ट्रपति भवन, मंत्रालय, संसद भवन, रेल भवन.

 

अब यहाँ से आगे रुख करें “अग्रसेन की बावड़ी” का, ये भी एक एतिहासिक जगह है जहाँ आप अपना थोडा वक़्त बिता सकते हैं, यहाँ से निकल कर हम जायेंगे जंतर मंतर की ओर,बहुत से लोगों को जंतर-मंतर के महत्व के बारे में नहीं पता है, यह भारत के पुराने खगोलीय ज्ञान (Astro Knowledge) के बारे में बताता है, जो की 17वीं शताब्दी में महाराजा जय सिंह द्वितीय(जयपुर के शाशक) ने बनाया था. यहाँ आपको कोई गाइड नहीं मिलेगा,लेकिन अगर आप चाहें तो वहां के ऑफिस में जा कर सस्म्पर्क करिए आपको बहुत ही कम चार्ज में वहां का कोई वर्कर ही आपको सब डिटेल बता देगा, यकीन मानिये जब आपको इस जगह की डिटेल पता चलेगी तो आपको यहाँ घुमने में और अधिक आनंद आने लगेगा.

 

अब यहाँ से निकल कर हम चलेंगे कनौट प्लेस की ओर, अगर आप रोड साइड शौपिंग करना चाहते हैं तो कनौट प्लेस में अपनी मनपसंद चीजें देख सकते हैं, यहाँ बारगेनिंग(मोल भाव) करना न भूलें. आप इसके बाद पालिका बाज़ार भी जा सकते हैं जो की बेसमेंट में बना एक बहुत बड़ा मार्केट है, अगर कोई दुकान वाला रोड के ऊपर का मार्केट दिखा कर कहे की यही पालिका बाज़ार है तो उसकी बात का बिलकुल भी यकीन न करें. पालिका बाज़ार में महिलाओं के लिए ज्यादा शौपिंग विकल्प होते हैं. पालिका बाज़ार के पास ही जनपथ मार्केट है, आप यहाँ भी रोड साइड शौपिंग कर सकते हैं.

आज का ट्रिप ख़त्म हुआ, अब वक़्त है अछे डिनर का – अगर आप टिपिकल मुस्लिम स्टाइल का नोनवेज खाना चाहें, तो आप चांदनी चौक भी जा सकते हैं, या फिर कनौट प्लेस में ही “काक्के दा ढाबा” में भी डिनर कर सकते हैं, इसके अलावा भी वहां और बहुत से विकल्प हैं खाने के लिए.

 

 

Day – 2

(हुमायूँ का मकबरा, चिड़ियाघर, लोधी गार्डन, सफदरजंग मकबरा, निज्म्मुद्दीन दरगाह, मिर्ज़ा ग़ालिब ग्रेव)

अपना दूसरा दिन हम शुरू करेंगे हुमायूँ के मकबरे से, हुमायूँ का मकबरा येलो लाइन मेट्रो में “जोर बाग” स्टेशन से पास पड़ेगा और अगर आप वोइलेट लाइन से आ रहे हों तो आपको “JLN STADIUM” स्टेशन पर उतरना होगा. हुमायूँ के मकबरे से पहले आपको इसा खान का मकबरा देखने को मिलेगा. “हुमायूँ का मकबरा” को ताजमहल का छोटा मॉडल भी कह सकते हैं. कहा जाता है की इसी से प्रेरणा ले कर शाहजहाँ ने ताज महल बनवाया था.

  

(इसा खान का मकबरा और हुमायूँ का मक़बरा)

 

यहाँ घुमने के बाद आप चाहें तो चिड़ियाघर जा सकते हैं, जो की वहाँ से काफी नज़दीक है, कुछ ऐसा ही पुराना क़िला भी है, वह भी वहां से काफी नज़दीक है,(अगर आप परिवार के साथ हैं तो पुराना क़िला इग्नोर कर दीजिये).

यहाँ से निकल कर अब आप रुख करिए लोधी गार्डन का, अगर आपको भूख लगी है तो लोधी गार्डन से पहले ही वहीँ बहार छोटे स्टाल्स पर आपको बहुत स्वादिष्ट चाईनीज़ डिश खाने को मिलेंगी. लोधी गार्डन एक बहुत बड़ा और खुबसूरत गार्डन है साथ ही साथ वहां लोधी परिवार(इब्राहीम लोधी) की कब्रें भी हैं. यहाँ वक़्त बिताने के बाद अब आप चाहें तो सफदरजंग टोम्ब भी देख सकते हैं, जो की यहाँ से काफी करीब है, पर हुमायूँ का मकबरा और लोधी गार्डन देखने के बाद वहां ऐसा बहुत कुछ यूनिक नहीं है, तो आप इसे स्किप कर सकते हैं.

(सफ़दर जंग टोम्ब और लोधी गार्डन)

 

इसके बाद बारी है निज़ामुद्दीन दरगाह की, ये सब जगह आस पास होने की वजह से बेहतर है की आप रिक्शा/ई-रिक्शा/ऑटो से जाना आना करें. निज़ामुद्दीन दरगाह के पास ही आपको आमिर खुसरो की ग्रेव मिलेगी और वहां से थोड़ी ही दूर पर आपको मिर्ज़ा ग़ालिब की ग्रेव भी दिख जाएगी. आज की ट्रिप यूँ तो यहाँ ख़त्म हो गयी. लेकिन अगर आप अभी भी कहीं जाना चाहें तो दो विकल्प हैं, एक तो इंडिया गेट और दूसरा लाल क़िला क्यूंकि रात के वक़्त इंडिया गेट पर लाइटिंग बहुत ही खुबसूरत होती है और अगर शाम का वक़्त हो तो आप लाल क़िला में लाइट एंड साउंड शो देख सकते हैं.(लाइट एंड साउंड शो अलग अलग मौसम में अलग अलग समय पर होता है).

 

 

Day – 3

(कालका देवी मंदिर, लोटस टेम्पल, अक्षरधाम मंदिर)

 

अब आप सोच रहे होंगे की लास्ट डे पर इतनी कम जगह क्यूँ हैं घुमने के लिए? उसका मुख्य कारण है कि कालका देवी मंदिर और लोटस टेम्पल काफी नजदीक हैं, लेकिन अक्षरधाम थोडा दूर है और इन सभी जगहों पर वक़्त काफी लग जायेगा आपको घुमने में.

 

कालका देवी मंदिर जाने के लिए मेट्रो स्टेशन है “कालका जी” जो की वायलेट लाइन मेट्रो है, तो आगर आप येलो रूट पर हैं तो आपको मेट्रो चेंज करनी पड़ेगी. कालका जी के दर्शन करने के बाद आप वहां से चल कर या ऑटो/रिक्शा ले कर लोटस टेम्पल जा सकते हैं, लोटस टेम्पल में कोई एंट्री टिकट नहीं है और आप यहाँ जितनी देर चाहें उतनी देर बैठ सकते हैं, वहां आवाज़ करना बिलकुल मना है, तो अगर आपके साथ बच्चे हैं तो आपको उनका विशेष ध्यान रखना होगा, आपको अपने जुते/चप्पल उतारने होंगे जो की आप अपने साथ ही रख सकते हैं, वहां आपको एक बैग दिया जायेगा.

 

यहाँ से निकलने के बाद अब आपको जाना होगा “अक्षरधाम” मेट्रो स्टेशन, यहाँ से अक्षरधाम के लिए भी आपको मेट्रो चेंज करके जाना पड़ेगा, आपकी मेट्रो लाइन चेंज होगी “मंडी हाउस” से. अक्षरधाम मंदिर स्टेशन से काफी नजदीक है, तो आप चल कर या रिक्शा करके भी जा सकते हैं.

अब आपको दर्शन होगा एक भव्य और विशाल मंदिर का, जहाँ का नज़ारा आप देख कर मंत्र मुग्ध हो जायेंगे, मंदिर के अन्दर प्रवेश करने से पहले आपको बता दें कि वहां आपका सारा सामान जमा करा लिया जायेगा, बस आप अपने पैसे और रुमाल वगेरह ही अन्दर ले जा सकते हैं, फ़ोन, कैमरा और जो भी बैग वगेरह है सब वहां जमा करना होगा, तो अगर किसी से बात करनी हो तो पहले कर लें और फिर अपना मोबाइल जमा करवा कर टोकन ले लें.

 

अन्दर परिसर बहुत ही आलीशान और भव्य है, और वहां 2-3 कैंटीन हैं, आपको हर तरह का खाना वहां मिल जायेगा, काफी साफ़ सुथरा और प्योर वेज खाना आप वहां खा सकते हैं. मंदिर में दर्शन करें, उसके अलावा वहां के लाइट शो की टिकट ज़रूर बुक करें, साथ ही साथ वहां के थियेटर में फिल्म दिखाई जाती है उसकी भी टिकट लें, ये एक बहुत ही अलग तरह का अनुभव होगा, सबसे ज्यादा आकर्षक होता है लेज़र लाइट शो, इसे किसी भी हाल में मिस न करें. इसके साथ ही आपके 3 दिन के देल्ही ट्रिप का अंत हो गया, एक बेहद ही अनोखे अनुभव के साथ जिसकी यादें ले कर आप अपने घर तक जा सकेंगे.

 

(देल्ही में और भी बहुत सी जगह हैं जहाँ आप घूम सकते हैं, पर ये सबसे इम्पोर्टेन्ट जगह है जो की हमने 3 दिन के प्लान में बना के दी है.)

 

इसके अलावा यदि आप किसी किस्म की कोई और जानकारी चाहते हैं, या अपनी किसी ट्रिप की प्लानिंग हमसे बनवाना चाहते हैं तो हमसे संपर्क करें.

 

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